Saturday, June 30, 2018


अल्लाह हमसे 70 मॉ ओ से भा ज्यादा मोहब्बत करता है

Friday, June 29, 2018

☆नमाज़ की अहमिय्यत...(पोस्ट -04)

नमाज़ छोड़ने का अन्जाम क़ुरआन की रौशनी मे #01
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♥क़ुरआन में जहाँ नमाज़ की फ़ज़ीलते बयान हुई है वहीँ नमाज़ छोड़ने पर सख्त वईदे भी सुनाई गई है। चुनान्चे अल्लाह इर्शाद फ़रमाता है : जब जन्नती झन्नमियों से पूछेंगे कि तुम्हें कौन सा काम जहन्नम ले गया ? इस पर वो कहेंगे :
"हम नमाज़ नहीं पढ़ते थे।"
[सूरए मुदस्सिर 43, पारह 29]
     इस आयत से हर बेनमाज़ी को सबक लेना चाहिये कि कहीं वो भी नमाज़ न पढ़ने की वजह से जहन्नम का हक़दार तो नहीं बन रहा है ?
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     हज़रते अय्यूब अन्सारी رضى الله عنه फ़रमाते है : नमाज़ छोड़ना कुफ़्र है।
[मकाशफतुल कुलूब]
     इस हदिष का अगरचे उलमा व मुहद्दिसिन ने ये मतलब बयान फ़रमाया है कि कुफ़्र से मुराद कुफ़्र के क़रीब पहुच जाना है। इस मक़ाम पर खाकसार अर्ज़ करता है कि ये क्या कम गुनाह है कि मोमिन होने के बावुजूद आदमी ऐसा काम करे जिसकी वजह से कुफ़्र के क़रीब पहुँच जाए। (अल्लाह तआला की पनाह!)
[नमाज़ की अहमिय्यत 8]
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♥अल्लाह हम सभी को ज्यादा से ज्यादा अमल की तौफीक अताअ् फरमाए.....
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Thursday, June 28, 2018

☆नमाज़ की अहमिय्यत... (पोस्ट -03)

☆नमाज़ की फ़ज़ीलत और क़ुरआनी आयात...#02
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♥नमाज़ की बेपनाह फ़ज़िलतें है जिनसे हर नमाज़ी फ़ैज़याब हो सकता है उन फ़ज़िलतों और फायदों में से एक ये इलाज है। चुनान्चे फ़रमाया गया :
     जान लो ! अल्लाह के ज़िक्र ही में दिलों का सुकून है।
[सूरए रअद, 28, पारा 13]

     एक और मक़ाम पर अल्लाह ने नमाज़ को हर तरह की बुराई व बे-हयाई से बचने का ज़रिया बताया है।
     इर्शाद फ़रमाया : बेशक नमाज़ बे-हयाई और बुराई से रोकती है।

     हदिष में आता है कि एक सहाबी से कोई गुनाह सरज़द हो गया, उन्होंने नबी ﷺ की खिदमत में हाज़िर होकर माफ़ी के लिये दरख्वास्त पेश की। इस पर ये आयत नाज़िल हुई :
     नमाज़ क़ायम करो दिन के दोनों किनारो और कुछ रात गए बेशक नेकियां बुराईयों को मिटा देती है। ये नसीहत है नसीहत मानने वालों के लिये।
[सूरए अनक़्बूत 45, पारह 21]

     पता चला कि नमाज़ की बरकतों से लोगों के गुनाह मिट जाते है।
[नमाज़ की अहमिय्यत 7]
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Tuesday, June 26, 2018

☆नमाज़ की अहमिय्यत... (पोस्ट -02)

नमाज़ की अहमिय्यत और क़ुरआनी आयात...



♥नमाज़ की अहमिय्यत समझने के लिये ये जानना काफी है कि अल्लाह ने क़ुरआन में जितनी ताकीद नमाज़ की फ़रमाई है उतनी ताकीद किसी और बात की नहीं फ़रमाई। अल्लाह का बार बार नमाज़ की ताकीद फरमाना ही उसकी अहमिय्यत को ज़ाहिर कर रहा है। चुनान्चे अल्लाह इर्शाद फ़रमाता है :
     मुसलमान वो है जो ईमान रखते है ग़ैब की बातों पर और नमाज़ कायम करते है और अल्लाह की दी हुई रोज़ी में से उसकी राह में खर्च करते है।
[सूरए बक़रह, 3]

     एक जगह नमाज़ छोड़ने की बुराई का ज़िक्र करते हुए अल्लाह फरमा रहा है :
     नमाज़ क़ायम करो और मुश्रिकों जेसे न बनो।
[सूरए रूम, 31]

     अल्लाह ने नमाज़ को ईमान की अलामत (निशानी) बताया और नमाज़ न पढ़ने को मुश्रिकों की पहचान बताया है उससे बढ़कर नमाज़ की अहमिय्यत समझने के लिये और क्या बात हो सकती है।
[नमाज़ की अहमिय्यत 6]


Monday, June 25, 2018

☆नमाज़ की अहमिय्यत... (पोस्ट -01)


♥मज़्हबे इस्लाम में नमाज़ को जो अहमिय्यत हासिल है वो किसी से छुपी नहीं। हुज़ूर ﷺ ने नमाज़ को दिन का सुतून, ईमान की अलामत, जन्नत की कुन्जी, मौमीनों की मेराज, अपनी आँखों की ठन्डक और ख़ुदावन्दे कुद्दूस की क़ुरबत का ज़रिया बताया है।
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     इसके बर अक्स (उलटे) बे-नमाज़ियों को अज़ाब की वईदें सुनाई गई और नमाज़ छोड़ने को दुन्या व आख़िरत में नाकामी का ज़रिया बताया है।
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     क़ुरआनो हदिष की रौशनी में नमाज़ की अहमिय्यत, उसकी फ़ज़ीलत और नमाज़ छोड़ने पर जो नुक्सानात है ان شاء الله अगली पोस्ट में तहरीर किया जायेगा।
     अल्लाह तआला मुसलमानो को इन आयतों और हदिशो से सबक हासिल करने की तौफ़ीक़ अता फरमाए।
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बाक़ी अगली पोस्ट में..أن شاء الله
🏼[नमाज़ की अहमिय्यत 5]
www.facebook.com/mohammedsameerali.in

``सच्ची हिक़ायत`` [पोस्ट-01]

〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 !!..रसुलल्लाह ﷺ का पैगाम एक मजूसी के नाम..!! 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 ♥शीराज के एक बुजुर्ग हजरत फाश फरमाते हैं कि मेरे यहां एक बच्चा प...